वीडियो जानकारी:
शब्दयोग सत्संग
२५ मई २०१४
अद्वैत बोधस्थल, नॉएडा
दोहा:
सूरा के मैदान में, कायर फसिया आए।
ना भागे ना लड़ सके, मन ही मन पछताए || (संत कबीर)
प्रसंग:
सूरा कौन?
कायर कौन?
कायर अगर लड़ नहीं सकता तो भाग क्यों नहीं सकता?
क्या कोई जगह नहीं भागने के लिए?